जिया
कैसे जावे ये सीखने का वक्त नही होता हैं
जब
तक सीख आती कुछ खोते कुछ हम बोते हैं
अनुभवों
सीखों की कमी न हालात जुदा होते हैं
जिसको
परखा न
जावे
वह खतरनाक
होता
हैँ
जो
बोला ही न जावे वह नुकसानदेह हो जाता हैँ
प्यार
व शीतलता से लिखा लेख कीमती होता हैँ
निर्भिकता
सत्याधारी लेख बेशकीमती होता हैँ
पर
समाज, कानून शासन के बंधन हावी होते हैं
मगर
दिलों में छपी छाप वे सदैव प्रभावी होते हैं
आदर्श
बहुतेरे क्यों न आप अनुकरणीय होते हैं
ब्लाग
--- सूनी राह का पथिक
पथिक
अनजाना
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