प्यार प्रार्थाना सुभाष सारी समस्याओं से निजात ही दिलाते
हैँ
न
मौजूद तीनों जहाँ तकलीफों तूफानों
के गांव वहाँ बस जाते
चुनाव
आपका यह आप जीवन में किसके वश में कहलाते हैं
देखें
मौजूद वश में आप या वश प्रतिक्रियाओ को कर जाते हैं
हो
प्रतिक्रियाओ के वशीभूत सोचें अपनों से क्या कर जाते हैं
जरूरत
पहले सोच की होती नही तो बाद में क्यों पछताते हैं
सतनाम
सिंह साहनी ( पथिक अनजाना )
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