यारों जो इंसान होते कमजोर वह सदैव संसार में
समस्याओं को
उपजाते या खींचते रह जाते हैं
समस्या सुलझाने
हेतू जन-जागृति अनिवार्य हैं
पुर्नावृति न हो
सामूहिक जानकारी सही विचार
जो होते इंसा
धैर्य बुद्धिवान वह सदा संसार में
समस्याओं को
हंसते हुये सुलझाते रह जाते है
श्रृम व्यर्थ न
जाने दे तभी तो इंसा कहलाते हैं
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पथिक अनजाना---सतनाम
सिंह साहनी
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