शनिवार, 20 दिसंबर 2014

अभिव्यक्ति क्रमांक ६८९ - अंह महल बनाता हैं -- पथिक अनजाना

महत्वपूर्ण क्या किसी का होना हैं या कोई आपका होवे
सरल  क्या किसी का हो जाना या कोई आपका हो जावे
श्रेयस्ता उसकी महत्वपूर्ण जिसने आप को अपना बनाया
नही सोचते कभी उसने क्या पाया व आपने क्या खोया है
संघर्ष वही होता जहाँ अधीन अंह हो न कोई झुक जाता हैं
जीवन राह कठिन पगडंडी जानते तब अस्तित्व खो जाताहैं
इंसा क्यों जानते हुये भी झूठे संसार में अंह महल बनाताहैं

पथिक अनजाना ( सतनाम सिंह साहनी )

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