इंसा पर मेहरबानियाँ खुदा की काबिले तारीफ सदा रही हैं
होती न अति जब तक वह रहता हैं कुकर्मियों पर मेहरबां
इंतजारे अति तक परीक्षायें देता रहता निर्मल भक्त बना
इस तरह खुदा सब ही पर निगाहों से रहमते बरसाता हैं
कोई समझ ले रहमतों को व आये पास राह से बुलाताहैं
योग्य परीक्षा हेतू योग्य परीक्षार्थी हो आवश्यक मापदण्ड
परीक्षायें होती कठिन अडिगता से सफलता मिलती जरूर
आवाज खुदा की सुनने हेतू यारों काबिल होना मशहूर हैं
पथिक अनजाना ( सतनाम सिंह साहनी)
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