प्यार ऐश
भरी कहानियाँ क्यों नही यथार्थ होती हैं
वक्त जिन कदमों मे गिरे झूठी
मुस्कान खोती हैं
दिलों में इनके झांक देखो हंसाती
गैरों को यह हैं
खुद केगम भुलाने हेतू आंसुओ व नशों
में जीती हैं
सर्कस के जोकर व खूबसूरती की क्या
मिसाल हैं ?
लोग जो भुलाने दर्द आते दर्द साकी
को दे जाते हैं
विवश जीने को झोली भरती क्या दर्द
गुम जाते हैं
जैसे मुस्कानों का व्यापार ? न दर्दों का बाजार हैं
कौडियों में मुस्काऩें बिके,दर्द
के न मिलते दीवाने
नैनों के नीचे से हो जुबां को
सींचे यह कहानियाँ हैं
यारों जोकर व खूबसूरती के पीछे
तहें परेशानियाँ हैं
सिर थामे पथिक कैसे पढें यह
पोथियाँ हैरानियों की
------------------------खुबसूरत जवानियों की
ब्लाग -- सूनी राह का पथिक
पथिक अनजाना
यह
संक्षिप्तीकरण हैं कृपया पूर्ण पढने हेतू ब्लाग पर जावें
यदि अभिव्यक्ति
को रूचिकर व विचारणीय मानते हैं कृपया अग्रेषित करें
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