गर
मकसद नही तो जिन्दगी का
नीरस होती बेजानी आती पांव में
मकसद हौसला अफजाई की राह
पर उम्मीदी किरणों की छांव में
प्यार भरी यादों के सहारे मंजिल
पाने की चाह बेइन्तहा बनती हैं
खोजते मकसद ए जिन्दगी जोकि
जिन्दगी को चमन बना जाती हैं
बलाग -- सूनी राह के पथिक
पथिक अनजाना
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