मेरे इक हाजरिन ने किया मुझसे अनोखा सवाल
अनदेखे स्वर्ग व जमी के हालातों पर क्या ख्याल
वह बोला बाबा बताये
स्वर्ग किसे कहते हैं लोग
सुना कामधेनू अमरफलवृक्ष रंभा उर्वशी का संयोग
जवाब फर्क नजरों का, फर्क नहीजमी व स्वर्ग का
रंभा उर्वशी यहाँ भी कामधेनू अमरफलवृक्ष के साथ
गौ माँ प्रकृति व संसाधनों सेवार्थ साफनियत साथ
विनम्रता, निष्पक्षता मेहनत ईमान न करें अनाथ
चूंकि कर अनाथ इन्हें सृष्टि में खडा किया बवाल
नजरों से देखो जमीन को स्वर्ग यही हैं मेरे यारों
बेहूदा सवाल कर क्यों वक्त अपना करते खराब
ब्लाग -- सूनी राह का पथिक
पथिक अनजाना
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